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Sunday, 30 October 2011

THE ROLE OF UNO NOW.......

विश्व की रातें गहरी और काली होती जा रही है ...विभिन देश अपना-अपना  सिर विश्व मानचित्र से बाहर निकालकर यह देख रहें हैं कि क्या कोई है .....? जो उन्हें बचा लेगा .....?देशों और देशान्तरों के बीच की गुप्त लड़ाईयां अपनी FINAL STAGE पर पहुँच रही है ...विश्व बाजार अपनी अंतिम बिकवाली के लिए तैयारी कर रहा है ...वहीं विश्वग्राहक अपनी अंतिम खरीदारी की व्यवस्था कर रहा है ...भूमंडल की सीमाएं अपने-अपने देशों का ध्वज पकड़कर ; उचक-उचकर UNO की ओर देख रहें हैं ...साहित्य ,कला ,विज्ञान और संगीत की दुनियाँ का स्वर गाते-गाते रो पड़ता है ...विश्व राजनीति या तो अमरीका की ओर देख रहीं हैं ....या फिर आसमान की ओर देख कर दम तोड़ रहीं हैं ...इस महाभयंकर असुरक्षा के दौर में संयुक्त राष्ट्र संघ की भूमिका बहुत अहम् हो जाती है ...चीन, ब्रिटेन ,अमरीका और फ्रांस आदि देशों को मैं एक सुझाव देना चाहता हूँ ...विशेषकर वीटो  अधिकार प्राप्त अमरीका और चीन को ...PLEASE  वे एक प्रस्ताव शीघ्र ही UNO  में लेकर आये ...की जिसमें UNO की तरफ से प्रति देश में एक CIVIL CORE GROUP  की स्थापना की जाये ...इस CIVIL CORE GROUP  में उस देश के प्रतेक FIELD से यथा विज्ञानं , साहित्य ,संगीत ,धर्म,अध्यात्म ,राजनीति ,सामाजिक आदि से LATEST YOUTH  का चयन UNO अपनी देख-रेख में गोपनीय तरीके से करके उन्हें उस देश की समसंयाओं से UNO  को अवगत कराने की जिम्मेदारी सौंपें ....क्योंकि पिछले दशकों में मेरे देखने में यह आया है कि सरकारों के देशिक स्वार्थों ,मांगों ,और EGO की वजह से ही आतंकवाद ने अपना सिर उठाया है ...और आने वाला समय तो इससे भी खतरनाक इसलिए होगा ...क्योंकि विश्वबाजार को कुछेक वैश्विक धनिक परिवारों ने हडपने का प्रयास करना आरम्भ कर दिया है ...इससे समूचा  वैश्विक अर्थशास्त्र लडखडाकर धडाम से जमीन पर गिर पड़ेगा ...इससे पहले कि विश्व की धनसंपदा और शक्ति कुछेक लोगों के हाथ चली जाये ...UNO को तुरंत ही प्रति देश में एक CIVIL CORE GROUP  की स्थापना इसलिए कर देनी चाहिए कि जिससे इसतरह की विष्फोटक समस्याओं को मोनिटर करके UNO  को जमीनी हकीकत से अवगत कराया जा सके ...ऐसा मेरा विनर्म सुझाव है ..अगर आपका भी कोई सुझाव हो तो मेरे साथ SHARE करें ...मेरा EMAIL ID है  ....raviduttmohta@gmail.com .......प्रतीक्षा में .......         - रविदत्त मोहता

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